हिमाचल प्रदेश के टूरिसट प्लेस मनाली के समीप आलू ग्रांउड़ में हेलीपोर्ट निर्माण को हरी झंड़ी मिल गई है. इसको लेकर वन अधिनियम के (संरक्षण) अधिनियम के तहत स्टेज-1 को अनुमति दे दी गई है. इसके लिए पर्यटन विभाग को 22 लाख रूपये जमा करने होंगे. जिसके बाद हेलीपोर्ट बनाने के कार्य आरंभ किया जाएगा.
इसकी जानकारी पर्यटन विकास अधिकारी सुनयना शर्मा ने दी. उन्होंने कहा मनाली के आलू ग्राउंड के पास हेलीपोर्ट के निर्माण के लिए वन (संरक्षण) अधिनियम के तहत स्टेज-एक की अनुमति मिल चुकी है. जल्द इसके लिए पैसा जमा करवाया जाएगा, जिसके बाद निर्माण कार्य आरंभ किया जाएगा.
वन विभाग की अनुमति के बाद इसको लेकर डीपीआर यानी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार की जा रही है. आलू ग्रांउड़ में हेलीपोर्ट के निर्माण से पर्यटन को भी लाभ मिलेगा. इससे उच्च प्रोफाइ टूरिसट अब सीधे मनाली जा सकते हैं.
हिमाचल सरकार की हेलीपोर्ट निर्माण योजना के तहत राज्य में टूरिजम और हवाई कनेक्टिविटी को बढ़ावा मिलेगा. इससे पहले पर्यटकों और सैलानियों को मनाली जाने के लिए कुल्लू के भुंतर एयरपोर्ट पर हवाई जहाज से आना पड़ता था, लेकिन हेलीपोर्ट के निर्माण के बाद शिमला, चंडीगढ से पर्यटक सीधे मनाली जा सकेंगे.
पहले स्टेज में इन जगहों पर होगा हेलीपोर्ट निर्माण
हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा मिली जानकारी के अनुसार इस योजना के पहले चरण में मनाली के आलू ग्राउंड, हमीरपुर में जसकोट, कांगड़ा के रक्कड़, चंबा में सुल्तानपुर, जिस्पा, रंगरिक, लाहौल-स्पीति के सिस्सू और किन्नौर के शारबो में हेलीपोर्ट बनाए जाएंगे है. बता दें कि ये हेलिपोर्ट केंद्र सरकार की उड़ान-5.1 रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम (आरसीएस) के तहत बनाए जाएंगे.