सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सदन में जानकारी देते हुए कहा कि शिमला के मोट्रोपोल स्थित विधायक सदन को अनसेफ करार दिया गया है. इस जगह अब विधायकों के लिए नया भवन बनाया जाएगा, जिसके लिए सरकार द्वारा 38 करोड़ रुपय जारी किए गए हैं. ये बातें सीएम ने विधानसभा में विधायक विपिन सिंह परमार के सवाल पर जवाब देते हुए कहीं.
सीएम ने कहा कि ‘विधायक सदन में रह रहे विधायकों और विधानसभा कर्मचारियों को शिफ्ट करने को कह दिया गया है और इन्हें एनटाइटलमेंट के हिसाब से कहीं और आवास लेने को बोल दिया गया है. निजी आवास लेने पर सरकार किराया देने को भी तैयार है. यदि ये भवन गिरता है तो इसके लिए सरकार जिम्मेदार नहीं होगी, इसलिए इस भवन को जल्द खाली करवाया जाएगा.’
मुख्यमंत्री सिक्खू ने आगे कहा कि, ‘सरकार ने पिछले दो सालों में राज्यभर में 232 सरकारी कार्यालयों और सरकारी आवास भवनों को असुरक्षित घोषित कर इन्हें खाली करवाया है. असुरक्षित घोषित किए गए भवनों को गिराने के लिए विभागाध्यक्ष और डीसी को अधिकृत किया गया है. वित्त विभाग की ओर से इस संबंध में समय-समय पर दिशानिर्देश जारी किए गए हैं. पुराने असुरक्षित भवनों को खुले बाजार में नीलामी प्रक्रिया से ढहाया जाता है. राजधानी के सर्कुलर रोड को चौड़ा किया जाएगा. इसके लिए भूमि और भवनों का अधिग्रहण किया जाएगा और इसकी प्रक्रिया जल्द प्रक्रिया पूरी होगी.’
विधानसभा अनिश्चितकाल के लिए स्थगित
बता दें कि हिमाचल प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र बीते दिन (शुक्रवार) अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हो गया है. ये बजट सत्र 10 मार्च से शुरू होकर 28 मार्च तक चला, इस दौरान कुल 15 बैठकें हुईं. इस बजट सत्र की कार्यवाही 73 घंटे तक चली और इसकी उत्पादकता 110 प्रतिशत रही. इस दैरान कुल 572 तारांकित और 196 अतारांकित प्रश्न के उत्तर सुक्खू सरकार ने दिए. इस दौरान नियम 46 के तहत 3 विषयों पर चर्चा की गई. नियम-61 के 2, नियम-62 के तहत 10, नियम-130 के14 विषय पर विस्तृत चर्चा हुई. इसके साथ ही 22 और 27 मार्च गैर सरकारी सदस्य कार्य दिवस रहे. विधानसभा बजट सत्र में कुल 10 सरकारी विधेयक पारित हुए हैं.