शिमला: आर्थिक संकट से जूझ रहे हिमाचल प्रदेश में विधायकों, मुख्यमंत्री, मंत्रियों और विधानसभा अध्यक्ष-उपाध्यक्ष के वेतन और भत्तों में वृद्धि कर दी गई है. विधानसभा के बजट सत्र के अंतिम दिन इससे जुड़े तीन विधेयक सर्वसम्मति से पारित किए गए. मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने हिमाचल प्रदेश लेजिस्लेटिव असेंबली (अलाउंसेज एंड पेंशन ऑफ मेंबर) अमेंडमेंट बिल 2025 सदन में पेश किया, जिसे चर्चा के बाद सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया.
विधायकों का वेतन 2.10 लाख से बढ़कर 3.15 लाख हुआ
संशोधित विधेयक के अनुसार विधायकों के वेतन-भत्ते 2.10 लाख रुपये से बढ़ाकर करीब 3.15 लाख रुपये कर दिए गए हैं. उनकी बेसिक सैलरी 55,000 रुपये से बढ़ाकर 70,000 रुपये कर दी गई है. वहीं मुख्यमंत्री का मासिक वेतन-भत्ता 2.65 लाख रुपये से बढ़कर लगभग 3.40 लाख रुपये हो गया है. कैबिनेट मंत्रियों और विधानसभा अध्यक्ष को अब लगभग 3.30 लाख रुपये प्रतिमाह मिलेंगे, जो पहले 2.55 लाख रुपये था.
वेतन वृद्धि से राज्य सरकार पर सालाना लगभग 20 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ेगा. हालांकि सरकार ने टेलिफोन भत्ते के 15 हजार रुपए के अलावा बिजली व पानी बिल भत्ता खत्म कर दिया है. इनके बिलों की अदायगी विधायकों को खुद करनी होगी. पूर्व विधायकों का टेलिफोन भत्ता भी खत्म कर दिया गया है.
हर पांच साल में बढ़ेगी सैलरी
सरकार ने संशोधन कर यह प्रावधान किया है कि अब विधायकों का वेतन एवं पेंशन प्राइस इंडेक्स के आधार पर हर पांच साल में स्वतः बढ़ जाएगा. इसका मतलब है कि अगली वेतन वृद्धि एक अप्रैल 2030 को होगी.
वेतन वृद्धि को लेकर सदन में चर्चा
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि विधायकों को अपने निर्वाचन क्षेत्रों में प्रतिनिधि के रूप में आय से अधिक खर्च करना पड़ता है, इसलिए समय-समय पर वेतन में वृद्धि आवश्यक है. उन्होंने कहा कि कोरोना काल में विधायकों ने अपनी तनख्वाह का बड़ा हिस्सा दान किया था, जिसमें उन्होंने स्वयं 11,000 रुपये दिए थे. मुख्यमंत्री ने बिजली-पानी के बिलों के सरकारी भुगतान को समाप्त करने की घोषणा भी की.
विपक्ष के नेता जयराम ठाकुर ने इस विधेयक का समर्थन करते हुए कहा कि जब वे पहली बार विधायक बने थे, तब उन्हें केवल 8,500 रुपये मिलते थे, जबकि उनका पहला मोबाइल बिल 12,000 रुपये आया था. उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में महंगाई को देखते हुए वेतन वृद्धि जरूरी है.
प्रदेश में 2016 के बाद हुई वेतन वृद्धि
हिमाचल प्रदेश में विधायकों और मंत्रियों के वेतन में पिछली बार वर्ष 2016 में बढ़ोतरी हुई थी. उससे पहले 2010 में विधायकों की बेसिक सैलरी 15,000 रुपये थी, जिसे 30,000 रुपये किया गया था. 2016 में इसे 55,000 रुपये किया गया और अब 70,000 रुपये कर दिया गया है.
हिन्दुस्थान समाचार
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