उत्तराखंड के चमोली- बद्रीनाथ हाईवे पर ग्लेशियर टूटने की वजह से बड़ा हादसा हो गया है. यहां ग्लेशियर फटने से भारी तबाही मच गई. इस दौरान सड़क निर्माण कार्य में लगे 41 मजदूर दब गए. इसमें 16 लोगों को बचा लिया गया. बाकी के 47 लोगों की तलाश की जा रही है. बता दें ये सभी मजदूर बीआरओ के कॉन्ट्रैक्ट में लगे ठेकेदार के बताए जा रहे हैं. सूचना मिलते ही बीआरओ की टीम मौके पर पहुंच गई है. राहत-बचाव का कार्य लगातार जारी है.
पुलिस मुख्यालय के प्रवक्ता आईजी नीलेश आनंद भरणे ने एएनआई को बताया, “माना के सीमावर्ती इलाके में सीमा सड़क संगठन के कैंप के पास भारी हिमस्खलन हुआ है, जिसमें सड़क निर्माण में लगे 57 मजदूर फंस गए हैं. इन मजदूरों में से 10 मजदूरों को बचा लिया गया है और गंभीर हालत में माना के पास सेना कैंप में भेज दिया गया है.”
वहीं, बीआरओ (सीमा सड़क संगठन) के कार्यकारी अभियंता सीआर मीना ने कहा कि 57 श्रमिक मौके पर मौजूद थे. तीन से चार एंबुलेंस भी भेजी गई हैं, लेकिन भारी बर्फबारी के कारण बचाव दल को वहां पहुंचने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.
ऋषिकेश में अचानक गंगा का जल स्तर बढ़ा
ऋषिकेश में जानकी झूला घाट पर अचानक गंगा का जल स्तर बढ़ा गया है. 100 श्रद्धालु टापू पर फंसे हुए थे. जल पुलिस ने उनकी जान बचाई. बता दें यह सभी हरियाणा से आए श्रद्धालु थे. खतरा महसूस होते ही श्रद्धालुओं ने शोर मचाना शुरू कर दिया. उनकी चीख-पुकार सुनकर जानकी घाट के पास तैनात जल पुलिस के जवानों ने तत्परता दिखाते हुए सभी को सुरक्षित बाहर निकाला.