शिमला: भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जनकल्याणकारी योजनाओं से हिमाचल प्रदेश के किसानों, बागवानों और ग्रामीणों को बड़ा लाभ मिल रहा है. उन्होंने गुरूवार को कहा कि पीएम किसान सम्मान निधि की 19वीं किश्त प्रदेश के किसानों के लिए संजीवनी साबित हो रही है. हाल ही में प्रधानमंत्री ने देशभर के 9 करोड़ 63 लाख किसानों के बैंक खातों में 19वीं किश्त जारी की, जिससे यह योजना अपने सातवें वर्ष में प्रवेश कर गई है.
डॉ. बिंदल ने बताया कि हिमाचल प्रदेश के 9.73 लाख किसान-बागवान इस योजना के तहत लाभान्वित हो रहे हैं, जिससे उन्हें आर्थिक संबल मिल रहा है. उन्होंने कहा कि किसानों को मिलने वाली यूरिया खाद मात्र 300 रुपये प्रति बोरी की दर से उपलब्ध करवाई जा रही है, जबकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत 3000 रुपये प्रति बोरी है. केंद्र सरकार 2700 रुपये प्रति बोरी की सब्सिडी देते हुए इस पर 2 लाख करोड़ रुपये की सब्सिडी प्रदान कर रही है.
ग्राम सड़क योजना से बदली तस्वीर
डॉ. बिंदल ने कहा कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना ने ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कों के विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. उन्होंने बताया कि इस योजना की शुरुआत भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी ने हिमाचल से की थी. वर्तमान में प्रदेश में 40,000 किलोमीटर ग्रामीण सड़कों में से लगभग 20,000 किलोमीटर प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के तहत बनी हैं.
उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में भी हिमाचल को पीएमजीएसवाई-3 के तहत 2700 करोड़ रुपये मिल चुके हैं जबकि पीएमजीएसवाई-4 के अंतर्गत लगभग 500 करोड़ रुपये और प्राप्त होंगे. इसी प्रकार मनरेगा के माध्यम से प्रदेश के ग्रामीण विकास में केंद्र सरकार सबसे अधिक धनराशि खर्च कर रही है. पंचायतों को मिलने वाला पूरा बजट सीधे उनके खातों में भेजा जा रहा है जिससे पारदर्शिता बनी हुई है.
महाकुंभ में सीएम की डुबकी पर कटाक्ष
डॉ. बिंदल ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के महाकुंभ में सपरिवार डुबकी लगाने को लेकर तंज कसा. उन्होंने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि मुख्यमंत्री देर से ही सही, लेकिन सही राह पर आए. उन्होंने कहा कि 2022 में मुख्यमंत्री बनने के बाद सुक्खू ने बयान दिया था कि 97 फीसदी हिंदू आबादी वाले प्रदेश में हिंदूवादी विचारधारा को हराकर वे मुख्यमंत्री बने हैं. ऐसे में अब प्रयागराज में उनकी डुबकी कई सवाल खड़े करती है.
डॉ. बिंदल ने कटाक्ष करते हुए कहा कि यह डुबकी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रेरणा से लगाई गई या फिर कैबिनेट मंत्री विक्रमादित्य सिंह और उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री के डुबकी लगाने के बाद प्रतिस्पर्धा में उठाया गया कदम था, यह स्पष्ट होना चाहिए.
हिन्दुस्थान समाचार